April 3, 2025

श्री शीतला चालीसा | Shri Sheetala Chalisa

॥ दोहा ॥ जय जय माता शीतला, तुमहिं धरै जो ध्यान । होय विमल शीतल हृदय, विकसै बुद्धी बल ज्ञान ॥ घट-घट वासी शीतला, शीतल प्रभा तुम्हार । शीतल छइयां में झुलई, …

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माँ सरस्वती चालीसा | Maa Saraswati Chalisa

॥ दोहा ॥ जनक जननि पद्मरज, निज मस्तक पर धरि । बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि ॥ पूर्ण जगत में व्याप्त तव, महिमा अमित अनंतु । दुष्जनों के पाप को, …

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श्री शीतलनाथ चालीसा | Shri Sheetalnath Chalisa

॥ चौपाई ॥ शीतल हैं शीतल वचन, चन्दन से अधिकाय ॥१॥ कल्प वृक्ष सम प्रभु चरण, हैं सबको सुखकाय ॥२॥ जय श्री शीतलनाथ गुणाकर, महिमा मंडित करुणासागर ॥३॥ भाद्दिलपुर के दृढरथ राय, …

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श्री झूलेलाल चालीसा | Shri Jhulelal Chalisa

॥ दोहा ॥ जय जय जल देवता, जय ज्योति स्वरूप । अमर उडेरो लाल जय, झुलेलाल अनूप ॥ ॥ चौपाई ॥ रतनलाल रतनाणी नंदन । जयति देवकी सुत जग वंदन ॥१॥ दरियाशाह …

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श्री चित्रगुप्त चालीसा | Shri Chitragupt Chalisa

॥ दोहा ॥ सुमिर चित्रगुप्त ईश को, सतत नवाऊ शीश । ब्रह्मा विष्णु महेश सह, रिनिहा भए जगदीश ॥ करो कृपा करिवर वदन, जो सरशुती सहाय । चित्रगुप्त जस विमलयश, वंदन गुरूपद …

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श्री नवग्रह चालीसा | Shri Navgrah Chalisa

॥ दोहा ॥ श्री गणपति गुरुपद कमल, प्रेम सहित सिरनाय । नवग्रह चालीसा कहत, शारद होत सहाय ॥ जय जय रवि शशि सोम, बुध जय गुरु भृगु शनि राज । जयति राहु …

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श्री सूर्य देव चालीसा | Shri Surya Dev Chalisa

॥ दोहा ॥ कनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला अंग । पद्मासन स्थित ध्याइए, शंख चक्र के संग ॥ ॥ चौपाई ॥ जय सविता जय जयति दिवाकर, सहस्त्रांशु सप्ताश्व तिमिरहर ॥१॥ भानु …

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श्री शनि चालीसा | Shri Shani Chalisa

॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल । दीनन के दुख दूर करि, कीजै नाथ निहाल ॥ जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज । करहु कृपा हे …

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श्री हनुमान चालीसा | Shri Hanuman Chalisa

श्री हनुमान चालीसा का पाठ दिन मंगलवार, बूढ़े मंगलवार, शनिवार पूजा, श्री राम नवमी, हनुमान जयंती, विजय दशमी, सुंदरकांड, रामचरितमानस कथा और अखंड रामायण के पाठ में प्रमुखता से किया जाने वाला …

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श्री राम चालीसा | Shri Ram Chalisa

॥ दोहा ॥ आदौ राम तपोवनादि गमनं हत्वाह् मृगा काञ्चनं । वैदेही हरणं जटायु मरणं सुग्रीव संभाषणं ॥ बाली निर्दलं समुद्र तरणं लङ्कापुरी दाहनम् । पश्चद्रावनं कुम्भकर्णं हननं एतद्धि रामायणं ॥ ॥ …

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