March 7, 2026

हनुमान चालीसा की 40 चौपाइयों का रहस्य | लाभ और महत्व | Hanuman Chalisa

🌺 हनुमान चालीसा क्या है? “चालीसा” शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के “चालीस” शब्द से हुई है, जिसका अर्थ होता है – 40। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित हनुमान चालीसा में कुल 40 …

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श्री राम चालीसा | Shri Ram Chalisa

॥ दोहा ॥ आदौ राम तपोवनादि गमनं हत्वाह् मृगा काञ्चनं । वैदेही हरणं जटायु मरणं सुग्रीव संभाषणं ॥ बाली निर्दलं समुद्र तरणं लङ्कापुरी दाहनम् । पश्चद्रावनं कुम्भकर्णं हननं एतद्धि रामायणं ॥ ॥ …

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श्री शिव चालीसा | Shri Shiv Chalisa

॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान । कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान ॥ ॥ चौपाई ॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला । सदा करत सन्तन प्रतिपाला ॥१॥ …

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श्री गणेश चालीसा | Shri Ganesh Chalisa

॥ दोहा ॥ जय गणपति सदगुण सदन, कविवर बदन कृपाल । विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल ॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय जय गणपति गणराजू । मंगल भरण करण शुभः …

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श्री दुर्गा मां की आरती | Shri Durga Maa Ki Aarti

ॐ जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी, तुम को निशदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवरी । ॐ जय अम्बे… मांग सिंदूर विराजत टीको मृगमद को, उज्जवल से दो नैना चन्द्र बदन नीको …

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श्री काली मां की आरती | Shri Kali Maa Ki Aarti

मंगल की सेवा, सुन मेरी देवा, हाथ जोड़ तेरे द्वार खड़े । पान सुपारी ध्वजा नारियल, ले ज्वाला तेरी भेंट धरे ॥ सुन जगदम्बे कर न विलम्बे, सन्तन के भण्डार भरे । …

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माता पार्वती जी की आरती | Mata Parvati Ji Ki Aarti

जय पार्वती माता जय पार्वती माता ब्रम्हा सनातन देवी शुभ फल की दाता ॥ जय पार्वती… अरिकुलापदम विनासनी जय सेवक त्राता जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता ॥ जय पार्वती… सिंह को …

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माँ लक्ष्मी जी की आरती | Maa Lakshmi Ji Ki Aarti

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता । तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ॥ उमा, रमा, ब्रम्हाणी, तुम ही जग माता । सूर्य चद्रंमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता ॥ ॥ …

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ब्रह्मा जी की आरती | Brahma Ji Ki Aarti

पितु मातु सहायक स्वामी सखा, तुम ही एक नाथ हमारे हो । जिनके कुछ और आधार नहीं, तिनके तुम ही रखवारे हो । सब भॉति सदा सुखदायक हो, दुख निर्गुण नाशन हरे …

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विष्णु जी की आरती | Vishnu Ji Ki Aarti

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे ॥ भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे ॥ जो ध्यावे फल पावे, दुख बिनसे मन का ॥ सुख सम्पति घर आवे, कष्ट …

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